आशा और निराशा

जीवन के हर क्षण में होती ,आशा और निराशा है। हँसते रहना आगे बढ़ना जीवन की परिभाषा है। जीवन के हर क्षण में होती, आशा और निराशा है। जिसने जीवन को जीना सीखा ,बस उसको ही चैन मिला। जो विपत्ति से नही Read More

मन की बातें मन ही जाने

मन की बातें मन ही जाने , तिल तिल कर जो चूर हुआ है। होनी अनहोनी साथ लिए, वो जीने को मजबूर हुआ है। जो जिंदगी को देखा करता था अपने घर के आंगन में, वही शख्स रोजी रोटी के कारण, अपने Read More

खुले गगन के नीचे एक बात बताने आया हूँ – Rakesh Rajasthani

मैं इस खुले गगन के नीचे एक बात बताने आया हूं | सोई हुई जनता के आगे बीन बजाने आया हूं | मैं इस भारत मां की रोती जगती कहानी बताने आया हूं | मैं उस गद्दारों को बिना माचिस फिर से Read More

शिवस्तुति – Vandana Bhojak Pandey

हे त्रिपुरारी….. हे रुद्रारी….. हे मेरे भोले भण्डारी…. हर मुश्किल से पार लगाया… चहुँ लोक डंका है बजाया… हे श्वसारी…. हे अखण्डारी….. हे मेरे भक्तन संभारी ….. गल गरल तुझको है भाया…. तस्य निहीन ब्रह्माण्ड समाया…. हे भस्मांगी…….हे बैरागी …. हे मेरे Read More