मिलकर है, इस कोरोना को हराना

हालात बिगड़ रहे हैं देश के देशवासियों को पड़ रहा है रोना और इन सब का जिम्मेवार है यह महामारी कोरोना कोरोना को नजरअंदाज किए जो घर से निकल रहे हैं वह देख ले कि कितने श्मशान में जल रहे हैं कर Read More

फिर अच्छे दिन आएँगे

1 ये रात स्याह कट जायेगी, फिर से नई सुबह आएगी । थोड़ा सा धीरज तू रख ले, ये स्याह रात लंबी सह ले। तू श्रद्धा और सबुरी रख, फिर से अच्छे दिन आएँगे । 2 ये स्याह रात लंबी माना, मुश्किल Read More

आत्मविश्वास

ऐ खुदा झुकने पे तुझको मज़बूर कर दूंगा राहो के सारे मुश्किलो को दूर कर दूंगा ऐ खुदा झुकने पे तुझको —- सपनो की मंज़िल जब तलक हासिल नहीं होती मुझे उम्मीद की राहो पे यूँ ही बस क़दम चलते रहेंगे रहमत Read More

तन्हाई

एक तन्हाई बरकरार थी उसके मेरे रिश्ते में … मैंने हर पल को सजाया था, उसने हर पल बिखेरा था, मेरी बिंदी से लेकर मेरे झुमको को, उसने बड़ा सताया था … आज भी याद है वो पहली मुलाकत, वो मुझको दुनिया Read More

जीवन में हर एक चीज करके देखो

जीवन में हर एक चीज कर के देखो!! कल अगर जीना चाहते हो जिंदगी अपनी तो आज थोड़ा- थोड़ा मर के देखो!! चलना है बहुत मगर मंजिल दिख रही है पाना चाहते हो अगर तो आगे बढ़ के देखो!! जीवन में हर Read More

रूपमाला छंद “राम-महिमा”

राम की महिमा निराली, राख मन में ठान। अन्य रस का स्वाद फीका, भक्ति रस की खान। जागती यदि भक्ति मन में, कृपा बरसी जान। नाम साँचो राम को है, लो हृदय में मान।। राम को भज मन निरन्तर, भक्ति मन में Read More

बेटी के सवाल

जब मैंने सुनी अपनी मां के मुख से उस वीर की कहानी तो मेरी मां के मुख पर मुस्कान थी और मेरी आंखों में पानी, मेरी मां की मुस्कान के पीछे एक वीर बेटा खड़ा था जो अपनी मातृभूमि के लिए आखरी Read More

वो पुराना खत आज भी नई अलमारी में है

वो पुराना खत आज भी नई अलमारी में है, उम्मीद की एक किरण आज भी सूरज में है वो खुशबू आज भी इन हवाओं में है वो पुराना खत आज भी नई अलमारी में है आज भी स्याही नहीं सूखी उस खत Read More

उद्धव प्रसंग

बिरहा कटुता सब ओर लिए,ब्रजमंडल में अवसाद घिराए। प्रिय ऊसर भूमि भयी नगरी,तुमसे रजनी-रज प्रीत निभाए। गिरि गौ जमुना विनती करते,अब नंदनिवास बयार न आए। मनमोहन मूर्छित जीवन है,जबसे तुम गोकुल गाम भुलाए। [१] निज शीश लगाकर धूलि प्रिया,नित नैन निशा निरसा Read More

सबका समय बंधा होता है

प्रकृति का नियम पुराना आनेवाले को आना होता जानेवाले को जाना होता फिर क्यों शोक मनाना! आनेवाला बहुत रोता है जानेवाला चुप रहता है रोनेवाले को जग हंसाता चुप हुए को क्यों रुलाना! हमें ज्ञात नहीं हो पाता है आनेवाला क्योंकर रोता Read More