किनारा ढूंढने की कोशिश में

किनारा ढूंढने की कोशिश में,लहरों से नाता तोड़ दिया, तुम्हें पाने की ख़्वाहिश में,मंज़िल को पीछे छोड़ दिया। स्वार्थी इस दुनिया में, नही मिलता कुछ मांगने से, ज़ज़्बात को अपने लोगों ने,मतलब से यूँ जोड़ दिया। सपनों के रास्ते से,हक़ीक़त की ओर Read More

मज़बूर भोला

एक 7-8 साल का बच्चा था। मां उसको इस संसार के भरोसे छोड कर चली थी पिताजी पहले ही संसार से विदा हो लिए थे। अब उसकी पूरी जिम्मेदारी काका-काकी पर थी। समाज के कुछ “सभ्य” लोग उन्हें नीच जाति का कहा Read More